आज एक बात लिखता हूँ

आज एक प्यार की सौगात लिखता हूँ।
आज मैं अपने दिल एक की बात लिखता हूँ।।
तेरी मोहब्बत हो जाये तुझ पर कुर्बान।
खुदा से गुजारिश एक पैगाम लिखता हूँ।।
मिल जाए किसी के दिल मैं तुझे पन्नहा ।
बस तेरे लिए अपने दिल के जज्बात लिखता हूँ।।
मेरी दोस्ती हो जाए तुझ पर पन्नहा।
आज मैं अपने दिल की एक बात लिखता हूँ।।
मिले या ना मिले किसी मोड़ पर हम तुम।
रहे दोस्ती हमारी सलामत मैं ये फ़रियाद लिखता हूँ।।
एक पहेली है ये ज़िन्दगी।
फिर भी अपनी दिल की हर बात लिखता हूँ।।
आज एक प्यार की सौगात लिखता हूँ।
आज मैं अपनी दिल की एक बात लिखता हूँ।।
रहे तू जहाँ भी रहे इस दुनिया मैं।
बस एक बार तुझे मिलने की फ़रियाद लिखता हूँ।।
"""आज मैं अपनी दिल की बात लिखता हूँ""
Written by- मनोज कुमाउनी

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