प्यार की बातें
ज़िन्दगी पैसों की मोहताज़ हो गयी है। आधुनिक चीजों मैं बदल गयी है।। कौन करता है अब प्यार की बातें। कहा होती है अब श्री राधेकृष्ण की जैसी मुलाकाते।। मोहमाया मैं खो गया है। ये जग सो गया है।। अब कौन मित्रता निभाता है। अब कहा श्री कृष्ण सुदमा के जैसा कौन किसे गले लगता है।। कौन धोता है अब आंशुओं से पैरों कों। मैंने तो दिल मैं खंजर डालते हुए देखा है अब ज़िन्दगी बदल चुकी है। भवसागर मैं खो चुकी है।। वक़्त और हलात के आगे। मैंने झुकते हुए देखा है।। बँधे हुए बाँध को मैंने। एक पल मैं टूटते हुए देखा है।। ""अब कहां होती है प्यार की बातें" ""कहां होती है अब श्री राधेकृष्ण की मुलकतें"" बड़े बड़े वादे करने वालों को। मैंने मुकरते हुए देखा है।। पल भर मैं मैंने ये ज़िन्दगी। बदलते हुए देखा है।। दिल से सजाये हुए रिश्तों को। पल भर मैं बिखरतें हुए देखा है।। ""ज़िन्दगी आधुनिक हो गयी है"" अब कहां होती है प्यार मैं वो बातें। मैंने तो लहरों को किनारों से मिलते हुए देखा है।। अब जिंदगी बदल चुकी है। भवसागर मैं खो चुकी है।। अब कहा होती है प्...